Shri Ganesh Chalisa Lyrics In Hindi PDF, Mp3, Video

“Shri Ganesh Chalisa Lyrics In Hindi” आप को इस पोस्ट में हम उपलब्ध कराने वाले हैं साथ ही आपको PDF aur MP3 भी इसी पोस्ट में मिल जायेगी। इसलिए पोस्ट को पूरा पढ़ें जिससे आपको गणेश चालीसा और भगवान गणेश के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। 

गणेश चालीसा हिंदू धर्म में सबसे प्रिय देवताओं में से एक, भगवान गणेश को समर्पित एक स्तुति है। स्तुति में 40 छंद हैं जो भगवान गणेश के गुणों, उपलब्धियों और शिक्षाओं का वर्णन करते हैं। यह ब्लॉग पोस्ट आपको गणेश चालीसा के अर्थ, लाभ और विविधताओं तथा इसे सही तरीके से कैसे पढ़ना है, इस बारे में पूरी जानकारी देगा।

Shri Ganesh Chalisa Lyrics In Hindi

!! दोहा !!

जय गणपति सदगुण सदन,

कविवर बदन कृपाल !

विघ्न हरण मंगल करण,

जय जय गिरिजालाल !!

!! चौपाई !!

जय जय जय गणपति गणराजू !

मंगल भरण करण शुभः काजू !!

जै गजबदन सदन सुखदाता !

विश्व विनायका बुद्धि विधाता !!

वक्र तुण्ड शुची शुण्ड सुहावना !

तिलक त्रिपुण्ड भाल मन भावन !!

राजत मणि मुक्तन उर माला !

स्वर्ण मुकुट शिर नयन विशाला !!

पुस्तक पाणि कुठार त्रिशूलं !

मोदक भोग सुगन्धित फूलं !!

सुन्दर पीताम्बर तन साजित !

चरण पादुका मुनि मन राजित !!

धनि शिव सुवन षडानन भ्राता !

गौरी लालन विश्व-विख्याता !!

ऋद्धि-सिद्धि तव चंवर सुधारे !

मुषक वाहन सोहत द्वारे !!

कहौ जन्म शुभ कथा तुम्हारी !

अति शुची पावन मंगलकारी !!

एक समय गिरिराज कुमारी !

पुत्र हेतु तप कीन्हा भारी !!

भयो यज्ञ जब पूर्ण अनूपा !

तब पहुंच्यो तुम धरी द्विज रूपा !!

अतिथि जानी के गौरी सुखारी !

बहुविधि सेवा करी तुम्हारी !!

अति प्रसन्न हवै तुम वर दीन्हा !

मातु पुत्र हित जो तप कीन्हा !!

मिलहि पुत्र तुहि, बुद्धि विशाला !

बिना गर्भ धारण यहि काला !!

गणनायक गुण ज्ञान निधाना !

पूजित प्रथम रूप भगवाना !!

अस कही अन्तर्धान रूप हवै !

पालना पर बालक स्वरूप हवै !!

बनि शिशु रुदन जबहिं तुम ठाना !

लखि मुख सुख नहिं गौरी समाना !!

सकल मगन, सुखमंगल गावहिं !

नाभ ते सुरन, सुमन वर्षावहिं !!

शम्भु, उमा, बहुदान लुटावहिं !

सुर मुनिजन, सुत देखन आवहिं !!

लखि अति आनन्द मंगल साजा !

देखन भी आये शनि राजा !!

निज अवगुण गुनि शनि मन माहीं !

बालक, देखन चाहत नाहीं !!

गिरिजा कछु मन भेद बढायो !

उत्सव मोर, न शनि तुही भायो !!

कहत लगे शनि, मन सकुचाई !

का करिहौ, शिशु मोहि दिखाई !!

नहिं विश्वास, उमा उर भयऊ !

शनि सों बालक देखन कहयऊ !!

पदतहिं शनि दृग कोण प्रकाशा !

बालक सिर उड़ि गयो अकाशा !!

गिरिजा गिरी विकल हवै धरणी !

सो दुःख दशा गयो नहीं वरणी !!

हाहाकार मच्यौ कैलाशा !

शनि कीन्हों लखि सुत को नाशा !!

तुरत गरुड़ चढ़ि विष्णु सिधायो !

काटी चक्र सो गज सिर लाये !!

बालक के धड़ ऊपर धारयो !

प्राण मन्त्र पढ़ि शंकर डारयो !!

नाम गणेश शम्भु तब कीन्हे !

प्रथम पूज्य बुद्धि निधि, वर दीन्हे !!

बुद्धि परीक्षा जब शिव कीन्हा !

पृथ्वी कर प्रदक्षिणा लीन्हा !!

चले षडानन, भरमि भुलाई !

रचे बैठ तुम बुद्धि उपाई !!

चरण मातु-पितु के धर लीन्हें !

तिनके सात प्रदक्षिण कीन्हें !!

धनि गणेश कही शिव हिये हरषे !

नभ ते सुरन सुमन बहु बरसे !!

तुम्हरी महिमा बुद्धि बड़ाई !

शेष सहसमुख सके न गाई !!

मैं मतिहीन मलीन दुखारी !

करहूं कौन विधि विनय तुम्हारी !!

भजत रामसुन्दर प्रभुदासा !

जग प्रयाग, ककरा, दुर्वासा !!

अब प्रभु दया दीना पर कीजै !

अपनी शक्ति भक्ति कुछ दीजै !!

!! दोहा !!

श्री गणेश यह चालीसा,

पाठ करै कर ध्यान !

नित नव मंगल गृह बसै,

लहे जगत सन्मान !!

सम्बन्ध अपने सहस्त्र दश,

ऋषि पंचमी दिनेश !

पूरण चालीसा भयो,

मंगल मूर्ती गणेश !!

Shri Ganesh Chalisa Lyrics In Hindi

Shri Ganesh Chalisa Lyrics In English 

!! Doha !!

Jay Ganpati sadgun sadan,

Kavi-var badan kripal!

Vighn haran mangal karan,

Jay Jay Girijalal!!

!! Chaupai !!

Jay Jay Jay Ganpati Ganraju!

Mangal bharan karan shubh kaju!!

Jai gajabdan sadan sukhdata!

Vishwa Vinayaka buddhi vidhata!!

Vakr tund shuchi shund suhavana!

Tilak tripund bhaal man bhavana!!

Rajat mani muktan ur mala!

Swarn mukut shir nayan vishala!!

Pustak paan kutar trishulam!

Modak bhog sugandhit phoolam!!

Sundar pitambar tan sajit!

Charan paduka muni man rajit!!

Dhani Shiv suvan shadan bhata!

Gauri lalan vishva-vikhyata!!

Riddhi-siddhi tav chanvar sudhare!

Mushak vahan sohat dwarre!!

Kahau janam shubh katha tumhari!

Ati shuchi pavan mangalkari!!

Ek samay Giriraj Kumari!

Putra hetu tap kinha bhari!!

Bhayo yajna jab poorn anupa!

Tab pahunchyo tum dhari dwij rupa!!

Atithi jani ke Gauri sukhari!

Bahuvidhi seva kari tumhari!!

Ati prasann hawai tum var dinha!

Matu putra hit jo tap kinha!!

Milahi putra tuhi, buddhi vishala!

Bina garbh dharan yahi kala!!

Gannayak gun gyan nidhana!

Pujit pratham rup Bhagvana!!

As kahi antardhan rup hawai!

Palna par balak svarup hawai!!

Bani shishu rudan jabahin tum thana!

Lakhi mukh sukh nahi Gauri samana!!

Sakal magan, sukhmangal gavahin!

Nabh te suran, suman varshavahin!!

Shambhu, Uma, bahudan lutaavahin!

Sur munijan, sut dekhan aavahin!!

Lakhi ati anand mangal sajha!

Dekhan bhi aaye Shani raja!!

Nij avgun guni Shani man maahi!

Balak, dekhan chahat nahi!!

Girija kachu man bhed bhadhayo!

Utsav mor, na Shani tuhi bhayo!!

Kahat lage Shani, man sakuchai!

Ka karhau, shishu mohi dikhai!!

Nahi vishwas, Uma ur bhayu!

Shani son balak dekhan kahyu!!

Padtahin Shani drig kon prakashaa!

Balak sir udi gayo akashaa!!

Girija giri vikal hawai dharni!

So dukh dasha gayo nahi varni!!

Hahakar macyau Kailashaa!

Shani kinho lakh suta ko naashaa!!

Turat Garud chadhi Vishnu sidhaayo!

Kaati chakr so gaj sir laye!!

Balak ke dhadh oopar dharyo!

Pran mantra padhi Shankar daaryo!!

Naam Ganesh Shambhu tab kinhe!

Pratham pujya buddhi nidhi, var dinhe!!

Buddhi pariksha jab Shiv kinha!

Prithvi kar pradakshina linha!!

Chale shadanan, barami bhulayi!

Rache baith tum buddhi upayi!!

Charan matu-pitu ke dhar linhen!

Tinke saat pradakshina kinhen!!

Dhani Ganesh kahi Shiv hiye harshen!

Nabh te suran suman bahu barasen!!

Tumhari mahima buddhi badaai!

Shesh sahasamukh sake na gaai!!

Main matiheen, maliin dukhari!

Karahun kaun vidhi vinay tumhari!!

Bhajat Ram Sundar Prabhudasa!

Jag Prayag, Kakara, Durvasa!!

Ab Prabhu daya deena par kijai!

Apni shakti bhakti kuchh dijai!!

!! Doha !!

Shri Ganesh yah chalisa,

Path karai kar dhyan!

Nit nav mangal griha basai,

Lahe jagat sanman!!

Sambandh apne sahasra dasha,

Rishi Panchami dineś!

Purna chalisa bhayo,

Mangal moorti Ganesh!!

Shri Ganesh Chalisa Lyrics In Hindi
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In which language is Ganesh Chalisa written and who wrote Ganesh Chalisa । गणेश चालीसा किस भाषा में लिखी गई है और गणेश चालीसा किसने लिखी है:

गणेश चालीसा हिंदी भाषा में लिखा गया है। हिंदी भारत में व्यापक रूप से बोली जाने वाली भाषा है और भारत की आधिकारिक भाषाओं में से एक है। गणेश चालीसा भगवान गणेश के भक्तों द्वारा की जाने वाली एक लोकप्रिय स्तुतियों में से एक है।

गणेश चालीसा को किसने लिखा है,यह पूरी तरह से ज्ञात नहीं हैं। ऐसा माना जाता है कि चालीसा की रचना 16वीं शताब्दी के संत और कवि गोस्वामी तुलसीदास जी ने की थी, जो हिंदी साहित्य में अपने योगदान के लिए जाने जाते हैं। तुलसीदास को उनकी महाकाव्य “रामचरितमानस” के लिए जाना जाता है, जिसमे भगवान राम की कहानी कही गई है।

गणेश चालीसा एक गेय रचना है जिसमें 40 छंद हैं, जिनमें से प्रत्येक में चार पंक्तियाँ हैं। गणेश चालीसा हिंदी की अवधी बोली में लिखा गया है और यह भक्ति कविता का एक रूप है जिसे चालीसा के रूप में जाना जाता है। गणेश चालीसा एक भक्तिपूर्ण भजन है जो भगवान गणेश के गुणों का गुणगान करता है और सफलता, समृद्धि और खुशहाली के लिए उनका आशीर्वाद मांगता है।

गणेश चालीसा का व्यापक रूप से धार्मिक उत्सवों, शुभ अवसरों और रोजमर्रा की प्रार्थनाओं के दौरान भगवान गणेश के भक्तों द्वारा पाठ किया जाता है। माना जाता है कि भजन पढ़ने वाले के लिए शांति, खुशी और समृद्धि लाता है और उनके रास्ते से बाधाओं को दूर करता है। गणेश चालीसा एक शक्तिशाली प्रार्थना है। 

What is the traditional time for recitation of Ganesh Chalisa । गणेश चालीसा के पाठ का पारंपरिक समय क्या है :

हिंदू धर्म में, प्रार्थना और भजन पढ़ने के लिए कई शुभ मुहूर्त हैं। गणेश चालीसा का पाठ करने का पारंपरिक समय सुबह भोर में होता है, अधिकांशतः सूर्योदय के समय या ब्रह्म मुहूर्त के दौरान, जो कि सूर्योदय से लगभग डेढ़ घंटे पहले होती है।

इस समय गणेश चालीसा का पाठ करना अत्यधिक लाभकारी माना जाता है और कहा जाता है कि यह भक्त के लिए सफलता और समृद्धि लाता है। ऐसा माना जाता है कि दिन के शुरुआती घंटों में गणेश चालीसा का पाठ करने से व्यक्ति भगवान गणेश का आशीर्वाद प्राप्त कर सकता है और अपने दिन की सकारात्मक शुरुआत कर सकता है।

हालाँकि, गणेश चालीसा का पाठ दिन के किसी भी समय किया जा सकता है, और इसका पाठ कब करना चाहिए, इस पर कोई प्रतिबंध या सीमाएँ नहीं हैं। कई भक्त गणेश चतुर्थी जैसे धार्मिक त्योहारों के दौरान या शादियों, गृहप्रवेश समारोहों जैसे शुभ अवसरों के दौरान, या कोई नया उद्यम शुरू करते समय गणेश चालीसा का पाठ करते हैं।

Shri Ganesh Chalisa Lyrics In Hindi

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि भक्ति और ईमानदारी के साथ चालीसा का पाठ किया जाए, और पढ़े जा रहे छंदों के अर्थ को समझा जाए। गणेश चालीसा एक बहुत ही शक्तिशाली प्रार्थना है जो पढ़ने वाले के लिए सुख, शांति ला सकती है।

Meaning of Ganesh Chalisa । गणेश चालीसा का अर्थ:

गणेश चालीसा के प्रत्येक श्लोक का एक विशिष्ट अर्थ और महत्व है। पहला श्लोक, उदाहरण के लिए, भगवान गणेश की शारीरिक सुंदरता और दिव्य प्रकृति की प्रशंसा करता है। दूसरा श्लोक सृजन और विनाश की उनकी शक्तियों का वर्णन करता है। तीसरा श्लोक उनकी बुद्धि की प्रशंसा करता है, और चौथा श्लोक सफलता और समृद्धि के लिए उनका आशीर्वाद मांगता है।

प्रत्येक छंद का गहरा अर्थ है और भक्त को आध्यात्मिक स्तर पर भगवान गणेश से जुड़ने में मदद करने के लिए लिखा गया है। माना जाता है कि गणेश चालीसा का पाठ भक्त को बाधाओं को दूर करने, नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने और आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त करने में मदद करता है।

Benefits of reciting Ganesh Chalisa । गणेश चालीसा का पाठ करने के लाभ:

गणेश चालीसा के पाठ से आध्यात्मिक और भौतिक दोनों तरह के कई लाभ प्राप्त होते हैं। प्रार्थना का पाठ करने से ज्ञान प्राप्त करने, बाधाओं को दूर करने और जीवन में सफलता प्राप्त करने में मदद मिलती है। यह भी माना जाता है कि यह बुरी शक्तियों से भक्त को सुरक्षा प्रदान करता है, बीमारियों का ठीक करता है और शांति और समृद्धि लाता है।

नियमित रूप से गणेश चालीसा का पाठ करने से मनोवैज्ञानिक लाभ भी होते हैं, जैसे तनाव और चिंता कम करता है, मानसिक स्पष्टता बढ़ाता है और आंतरिक शांति को बढ़ावा देता है। यह ध्यान के लिए एक शक्तिशाली साधन है और व्यक्ति को शांति और शांति की भावना प्राप्त करने में मदद कर सकता है।

जिन लोगों ने गणेश चालीसा का पाठ करने के लाभों का अनुभव किया है, उनके वास्तविक जीवन के उदाहरण असंख्य हैं। कई भक्त दावा करते हैं कि वे गणेश चालीसा के नियमित पाठ के माध्यम से अपनी समस्याओं को दूर करने, अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने और आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त करने में सक्षम हुए हैं।

How to recite Ganesh Chalisa । गणेश चालीसा का पाठ कैसे करें:

गणेश चालीसा का पाठ करना भगवान गणेश से जुड़ने का एक सरल लेकिन शक्तिशाली माध्यम है। प्रार्थना को दिन के किसी भी समय पढ़ा जा सकता है, लेकिन इसे सुबह या शाम को पढ़ने की सलाह दी जाती है।

गणेश चालीसा का पाठ करने से पहले स्नान करके और साफ कपड़े पहनकर खुद को शुद्ध करना जरूरी है। ध्यान भंग न हो इसलिए एक शांत जगह में प्रार्थना का पाठ किया जा चाहिए। पाठ के दौरान मन को शांत बनाए रखना भी आवश्यक है।

Shri Ganesh Chalisa Lyrics In Hindi

किसी की पसंद के आधार पर प्रार्थना को अलग-अलग तरीकों से पढ़ा जा सकता है। इसे धीमी और सुरीली आवाज में सुनाया जा सकता है, या इसे लयबद्ध तरीके से जप किया जा सकता है। प्रत्येक शब्द का सही और स्पष्टता के साथ उच्चारण करना महत्वपूर्ण है।

What are the many different versions of Ganesh Chalisa । गणेश चालीसा के कई अलग-अलग संस्करण क्या हैं:

गणेश चालीसा के कई अलग-अलग संस्करण हैं, प्रत्येक अपनी अनूठी विविधताओं और धुनों के साथ उपलब्ध हैं। कुछ लोकप्रिय संस्करणों में “महा गणपति मूल मंत्र”, “श्री गणेश स्तोत्रम” और “गणेश अथर्वशीर्ष” शामिल हैं।

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विभिन्न संस्करणों के अलावा, गणेश चालीसा की क्षेत्रीय विविधताएं भी हैं, प्रत्येक की अपनी विशिष्ट शैली और भाषा है। उदाहरण के लिए, गणेश चालीसा का हिंदी संस्करण उत्तर भारत में व्यापक रूप से लोकप्रिय है, जबकि मराठी संस्करण पश्चिमी भारत में लोकप्रिय है।

What are the different names of Lord Ganesha mentioned in Ganesh Chalisa । गणेश चालीसा में वर्णित भगवान गणेश के विभिन्न नाम क्या हैं:

यहाँ गणेश चालीसा में सबसे अधिक उल्लिखित नामों में से कुछ दिए गए हैं:

वक्रतुंड: इस नाम का अर्थ है “एक घुमावदार सूंड वाला”। यह भगवान गणेश की सूंड के अनोखे स्वरूप संदर्भित करता है, जिसे अक्सर घुमावदार रूप में चित्रित किया जाता है।

महाकाय: इस नाम का अर्थ है “विशाल शरीर का”। यह भगवान गणेश के बड़े आकार और शारीरिक शक्ति संदर्भित करता है।

लम्बोदर: इस नाम का अर्थ है ” बड़े पेट वाला”। यह भगवान गणेश के बड़े, गोल पेट संदर्भित करता है, जो सभी प्रकार की नकारात्मकता और बाधाओं को दूर करने की उनकी क्षमता का प्रतीक है।

विकट: इस नाम का अर्थ है “असामान्य या मुड़”। यह भगवान गणेश की असामान्य उपस्थिति का एक संदर्भ है, जिसे अद्वितीय और रचनात्मक तरीकों से बाधाओं को दूर करने की क्षमता का संदर्भित करने के लिए कहा जाता है।

विघ्नराज: इस नाम का अर्थ है “बाधाओं के राजा”। यह भगवान गणेश की अपने भक्तों के जीवन से सभी प्रकार की बाधाओं और कठिनाइयों को दूर करने की क्षमता को संदर्भित करता है।

गणपति: इस नाम का अर्थ है “देवों के स्वामी”। यह सभी प्राणियों के नेता और रक्षक के रूप में भगवान गणेश की भूमिका का संदर्भित करता है।

सिद्धिविनायक: इस नाम का अर्थ है “वह जो सफलता प्रदान करता है”। यह भगवान गणेश की अपने भक्तों को सफलता, समृद्धि और सौभाग्य प्रदान करने की क्षमता को संदर्भित करता है।

गजानन: इस नाम का अर्थ है “हाथी के मुख वाला”। यह नाम भगवान गणेश का सिर हाथी का होने की वजह से मिला है।

भूपति: इस नाम का अर्थ है “पृथ्वी का स्वामी”। यह पृथ्वी और उसके सभी निवासियों के रक्षक और देखभाल करने वाले के रूप में भगवान गणेश की भूमिका संदर्भित करता है।

Shri Ganesh Chalisa Lyrics In Hindi

What is the story behind the birth of Lord Ganesha । भगवान गणेश के जन्म के पीछे की कहानी क्या है:

हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान गणेश सबसे प्रिय और पूजनीय देवताओं में से एक हैं। वह भगवान शिव और देवी पार्वती के पुत्र हैं, और उनकी जन्म की कहानी हिंदू धर्म में सबसे प्रसिद्ध कहानी है।

कहानी यह है कि एक दिन, देवी पार्वती अपने स्नान के लिए तैयार हो रही थीं तो उन्हें इस बात की जरूरत महसूस हुई की किसी को द्वार की रखवाली करने के लिए होना चाहिए लेकिन उस वक्त वहां पर कोई भी मौजूद नही था ।

तब माता पार्वती ने अपने शरीर की मेल से एक बालक को उत्पन्न किया और उसे द्वार की रखवाली करने के लिए बोल दिया और उसे यह हिदायत दी कि किसी को भी अंदर न आने दें।

कुछ वक्त बिता और भगवान शिव कही से लौट कर आए और घर में प्रवेश करने लगे तो बालक ने उन्हें रोक दिया, इस बात पर भगवान शिव को उस बालक पर गुस्सा आ गया, बहुत कोशिश करने के बाद भी जब उस बालक ने भगवान शिव को अंदर जाने नही दिया तो भगवान शिव ने अपने त्रिशूल से उस बालक के सिर को काट दिया।

यह बात जब माता पार्वती को पता चली तो उन्हें बहुत दुख हुआ, और उन्होंने भगवान शंकर से प्रार्थना की कि वे उस बालक को जीवित कर दें, तब भगवान शिव ने अपने गड़ों को बोला और किसी शावक का सिर लेकर आओ,

तब भगवान शिव के गड़ों ने बहुत ढूंढा लेकिन उन्हें कोई भी बालक नही मिला तब उन्होंने एक हाथी के बच्चे का सिर काट लिया और उसे लेकर भगवान शंकर के पास पहुंच गए।

तब भगवान शिव ने हाथी के बच्चे के कटे हुए  सिर को बालक के शरीर पर रख दिया और उसे वापस जीवित कर दिया। इस नए प्राणी का नाम गणेश रखा गया, और वह शीघ्र ही भगवान शिव और देवी पार्वती का प्रिय पुत्र बन गया।

भगवान गणेश को अक्सर एक हाथी के सिर और एक मानव शरीर के रूप में चित्रित किया जाता है, और वह अपनी बुद्धि, बुद्धि और अपने भक्तों के जीवन से बाधाओं को दूर करने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं।

उनकी जन्म कथा विनम्रता, क्षमा और अपनी गलतियों के लिए प्रायश्चित करने के महत्व की याद दिलाती है। यह माता-पिता और बच्चे के बीच बंधन और प्यार और क्षमा की शक्ति का भी प्रदर्शन करती है।

What are the different mantras associated with Lord Ganesha । भगवान गणेश से जुड़े विभिन्न मंत्र क्या हैं:

भगवान गणेश हिंदू धर्म में एक प्रमुख देवता हैं, और उनके साथ कई मंत्र जुड़े हुए हैं। मंत्र पवित्र शब्द या वाक्यांश हैं जिन्हें मन को केंद्रित करने और आध्यात्मिक शक्ति का आह्वान करने के लिए पढ़ा जाता है।

यहां भगवान गणेश से जुड़े कुछ सबसे लोकप्रिय मंत्र दिए गए हैं:

ॐ गं गणपतये नमः: यह एक शक्तिशाली मंत्र है जिसका जाप भगवान गणेश का आशीर्वाद प्राप्त करने और अपने जीवन से बाधाओं को दूर करने के लिए किया जाता है। यह कोई नया उद्यम शुरू करने या एक नई परियोजना शुरू करने वालों के लिए विशेष रूप से प्रभावी होता है।

वक्रतुंड महाकाय: इस मंत्र का अर्थ है “हे भगवान घुमावदार सूंड और शक्तिशाली शरीर वाले।” ऐसा माना जाता है कि यह किसी के रास्ते से नकारात्मक ऊर्जा और बाधाओं को दूर करने में मदद करता है।

ओम गं गणपतये नमः यह एक और मंत्र है जिसका प्रयोग आमतौर पर भगवान गणेश के आशीर्वाद का आह्वान करने और बाधाओं को दूर करने के लिए किया जाता है। यह व्यक्तिगत या पेशेवर जीवन में चुनौतियों का सामना करने वालों के लिए विशेष रूप से प्रभावी माना जाता है।

गणेश गायत्री मंत्र: गणेश गायत्री मंत्र एक शक्तिशाली मंत्र है जिसका जाप भगवान गणेश का आशीर्वाद और ज्ञान प्राप्त करने के लिए किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि यह बाधाओं को दूर करने और सभी प्रयासों में सफलता प्राप्त करने में मदद करता है।

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ओम श्री गणेशाय नम: यह मंत्र भगवान गणेश का सम्मान करने और उनका आशीर्वाद लेने का एक सरल लेकिन शक्तिशाली तरीका है। उनकी उपस्थिति और समर्थन का आह्वान करने के लिए किसी भी समय इसका जाप किया जा सकता है।

गणेश मूल मंत्र: गणेश मूल मंत्र एक पवित्र मंत्र है जिसका जाप भगवान गणेश का आशीर्वाद और सुरक्षा पाने के लिए किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि यह बाधाओं को दूर करने और सभी प्रयासों में सफलता प्राप्त करने में मदद करता है।

What is the significance of number 108 in Ganesh Chalisa । गणेश चालीसा में 108 अंक का क्या महत्व है:

गणेश चालीसा के संदर्भ में 108 अंक कई कारणों से विशेष महत्व रखता है।

सबसे पहले, संख्या 108 को हिंदू धर्म में एक पवित्र संख्या माना जाता है, जो ब्रह्मांड और परमात्मा की एकता का परिलच्छित करती है। इसे ब्रह्मांड की संख्या और अस्तित्व की पूर्णता माना जाता है। यही कारण है कि यह अक्सर मंत्रों के उच्चारण और ध्यान के प्रदर्शन सहित विभिन्न आध्यात्मिक प्रथाओं में प्रयोग किया जाता है।

इस प्रकार, संख्या 108 का उपयोग गणेश चालीसा की आध्यात्मिक शक्ति को बढ़ाने के लिए एक गुणक के रूप में किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि 108 बार या 108 के गुणकों में भजन का जाप करने से महान आध्यात्मिक लाभ मिलते हैं और भगवान गणेश की दिव्य ऊर्जा से जुड़ने में मदद मिलती है।

इसके अलावा, संख्या 108 चक्रों, या शरीर में ऊर्जा केंद्रों, और माला से भी जुड़ी हुई है, जिसका उपयोग अक्सर मंत्रों की पुनरावृत्ति को गिनने के लिए किया जाता है। एक पारंपरिक माला में 108 मनके होते हैं, और माला की मदद से 108 बार मंत्र का जप करने से महान आध्यात्मिक लाभ मिलते हैं।

कुल मिलाकर, संख्या 108 हिंदू धर्म में बहुत महत्व रखती है और गणेश चालीसा के पाठ सहित विभिन्न आध्यात्मिक प्रथाओं से निकटता से जुड़ी हुई है। माना जाता है कि भक्ति और ईमानदारी के साथ 108 बार या 108 के गुणक में इस भजन का जप करने से भगवान गणेश की दिव्य ऊर्जा से जुड़ने और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने में मदद मिलती है।

Shri Ganesh Chalisa Lyrics In Hindi

Ganesh Chalisa is available in how many languages । गणेश चालीसा कितनी भाषाओं में उपलब्ध है:

पिछले कुछ वर्षों में गणेश चालीसा का विभिन्न भाषाओं में अनुवाद किया गया है ताकि इसे उन भक्तों के लिए सुलभ बनाया जा सके जो गणेश चालीसा की मूल भाषा को नहीं बोलते या समझते हैं। गणेश चालीसा के कुछ सबसे अधिक उपलब्ध अनुवादों में शामिल हैं:

हिंदी: गणेश चालीसा मूल रूप से हिंदी में लिखी गई थी, और यह भजन का सबसे व्यापक रूप से इस्तेमाल और लोकप्रिय संस्करण बना हुआ है। यह व्यापक रूप से प्रिंट और ऑनलाइन में उपलब्ध है, और भारत और दुनिया भर में भक्तों द्वारा नियमित रूप से इसका पाठ किया जाता है।

अंग्रेज़ी: गणेश चालीसा का अंग्रेजी में अनुवाद भी किया गया है, जो इसे उन भक्तों के लिए सुलभ बनाता है जो हिंदी नहीं बोलते या समझते हैं। अंग्रेजी में भजन के विभिन्न अनुवाद उपलब्ध हैं, जिनमें शाब्दिक और काव्य दोनों संस्करण शामिल हैं।

संस्कृत: गणेश चालीसा अपने मूल संस्कृत रूप में भी उपलब्ध है, जिसे भजन का सबसे पवित्र और शुद्ध संस्करण माना जाता है। यह आमतौर पर हिंदू धर्म के विद्वानों द्वारा उपयोग किया जाता है, जिन्हें भाषा और इसकी बारीकियों की गहरी समझ है।

गुजराती: गणेश चालीसा का गुजराती में अनुवाद किया गया है, जो भारतीय राज्य गुजरात में बोली जाने वाली भाषा है। यह संस्करण व्यापक रूप से गुजरात और भारत के अन्य हिस्सों में भक्तों द्वारा उपयोग किया जाता है जहां गुजराती बोली जाती है।

मराठी: गणेश चालीसा मराठी में भी उपलब्ध है, जो भारतीय राज्य महाराष्ट्र में बोली जाने वाली भाषा है। यह संस्करण व्यापक रूप से महाराष्ट्र और भारत के अन्य हिस्सों में भक्तों द्वारा उपयोग किया जाता है जहां मराठी बोली जाती है।

बंगाली: गणेश चालीसा का बंगाली में अनुवाद किया गया है, जो भारतीय राज्य पश्चिम बंगाल और भारत और बांग्लादेश के अन्य हिस्सों में बोली जाने वाली भाषा है। यह संस्करण इन क्षेत्रों में भक्तों द्वारा व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है।

तमिल: गणेश चालीसा तमिल भाषा में भी उपलब्ध है, जो भारतीय राज्य तमिलनाडु और भारत के अन्य हिस्सों और श्रीलंका में बोली जाने वाली भाषा है। यह संस्करण इन क्षेत्रों में भक्तों द्वारा व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है।

तेलुगु: गणेश चालीसा तेलुगु भाषा में भी उपलब्ध है, जो भारतीय राज्य आंध्र प्रदेश और भारत के अन्य हिस्सों में बोली जाने वाली भाषा है। यह संस्करण इन क्षेत्रों में भक्तों द्वारा व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है।

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conclusion । निष्कर्ष:

अंत में, गणेश चालीसा एक शक्तिशाली प्रार्थना है जिसके भक्त के आध्यात्मिक और भौतिक कल्याण दोनों के लिए कई लाभ हैं। नियमित रूप से गणेश चालीसा का पाठ करने से बाधाओं को दूर करने, सफलता प्राप्त करने और आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त करने में मदद मिलती है।

गणेश चालीसा का सही और एकाग्र मन से पाठ करना महत्वपूर्ण है। किसी की पसंद के आधार पर चुनने के लिए गणेश चालीसा के कई अलग-अलग रूप और धुन हैं।

FaQ:

Q. क्या किसी भी दिन गणेश चालीसा का जाप किया जा सकता है?

A. हां, गणेश चालीसा का जाप किसी भी दिन किया जा सकता है। मंगलवार और गणेश चतुर्थी के त्योहार के दौरान इसका पाठ करना विशेष रूप से शुभ माना जाता है।

Q. क्या गणेश चालीसा का जाप करने का कोई विशेष तरीका है?

A. गणेश चालीसा का जाप करने का कोई विशेष तरीका नहीं है। हालाँकि, इसे भक्ति भावना और ध्यान के साथ जपने और प्रत्येक छंद के अर्थ को समझने से विशेष लाभ प्राप्त होता है।

Q. क्या गैर-हिन्दू गणेश चालीसा का जाप कर सकते हैं?

A. हां, कोई भी व्यक्ति अपने धर्म या मान्यताओं की परवाह किए बिना गणेश चालीसा का जाप कर सकता है इसमें कोई रोक नहीं है।

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