Ganesh Chaturthi complete detailed information in hindi

Ganesh Chaturthi complete detailed information in hindi

दोस्तों इस पोस्ट में हम Ganesh Chaturthi complete detailed information in hindi में के बारे में बात करेगे . जैसा कि आप जानते हैं गणेश चतुर्थी जिसे कि हम विनायक चतुर्थी के नाम से भी जानते हैं दुनिया भर में हिंदुओं द्वारा मनाए जाने वाला सबसे लोकप्रिय त्योहारों में से एक है। यह त्यौहार विघ्नहर्ता भगवान गणेश को समर्पित है जिन्हें के ज्ञान, बुद्धि, धन-संपत्ति और समृद्धि का देवता भी हम मानते हैं। यह त्योहार हिंदी कैलेंडर के अनुसार भाद्रपद महीने के चौथे दिन पड़ता है जो आमतौर पर अगस्त या सितंबर में हर साल आता है। 

दोस्तों इस ब्लॉग पोस्ट में हम गणेश चतुर्थी से जुड़ी सारी छोटी-बड़ी बातों को आपको बताएंगे, इसके क्या-क्या रीत रिवाज है, कैसे तैयारियां करते हैं और भी बहुत कुछ है जो आपको जानने को मिलेगा।

Who Started Ganesh Chaturthi | गणेश चतुर्थी की शुरुआत किसने की

Ganesh Chaturthi complete detailed information in hindi

“गणेश चतुर्थी की शुरुआत किसने की” इस प्रश्न का उत्तर देना थोड़ा कठिन है, क्योंकि गणेश चतुर्थी को भगवान गणेश के जन्म दिवस के रूप में मनाया जाता है। तो चूंकि भगवान गणेश आदि अनंत काल से विद्यमान हैं तो उनका जन्म दिवस भी हजारों सालों से मनाया जाता होगा। लेकिन यह कहना मुश्किल है कि हजारों सालों से गणेश चतुर्थी का त्योहार मनाया जाता था।

लोगों का ऐसा मानना है कि गणेश चतुर्थी पर्व की शुरुआत छत्रपति शिवाजी महाराज की माता जीजा बाई के द्वारा की गई थी। शिवाजी महाराज के बाद उनके पेसवावों ने इस पर्व को आगे बढ़ाया और यह मराठी लोगों द्वारा मनाया जाने वाला प्रमुख त्योहार बन गया। लेकिन बाद में समय के साथ इस त्योहार की लोकप्रियता कम हो गई।

आज के गणेश चतुर्थी के त्योहार को इतना लोकप्रिय बनाने का श्रेय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक जी को दिया जाता है। क्योंकि जब स्वतंत्रता की लड़ाई में बाल गंगाधर तिलक जी ने महसूस किया कि अंग्रेजी सरकार लोगों को एकत्रित होकर कोई जलसा जुलूस करने नहीं देगी तो बाल गंगाधर तिलक जी ने लोगों को एकत्रित करने और उनमें स्वतंत्रता की भावना पैदा करने के लिए धर्म का सहारा लिया। और लोगों को  गणेश चतुर्थी का त्योहार मनाने के लिए प्रोत्साहित किया और 1893 में पहली बार मुंबई में गणेश चतुर्थी के त्योहार का आयोजन किया गया जिसमें लाखों की तादाद में लोग एकत्रित हुए।

Why do we celebrate Ganesh Chaturthi । गणेश चतुर्थी का महत्व:

गणेश चतुर्थी का त्योहार पूरे दुनिया के हिंदू बड़े ही उत्साह और भक्ति भावना के साथ मनाते हैं, यह त्यौहार बहुत ही शुभ माना जाता है और ऐसा माना जाता है कि भगवान गणेश इस दिन अपने भक्तों की सभी मनोकामना पूरी करते हैं और उनसे विशेष रूप से मिलने आते हैं। 

यह त्यौहार सुख शांति समृद्धि और सफलता के लिए भगवान गणेश का आशीर्वाद लेने के लिए मनाया जाता है। त्योहार लोगों में भाईचारे को बढ़ावा भी देता है क्योंकि यह त्योहार को सभी क्षेत्रों के और सभी समुदाय के लोग एक साथ इकट्ठा होकर मनाते हैं। 

Ganesh Chaturthi puja vidhi । पूजा की तैयारी:- 

गणेश चतुर्थी का त्योहार भक्तगण बहुत ही भक्ति भावना के साथ मनाते हैं और इसकी पूजा की तैयारी गणेश चतुर्थी के कई दिन पहले से शुरू हो जाती है त्यौहार की तैयारी में घर की सफाई होती है घर में मंडप सजाया जाता है और आवश्यक पूजा की सामग्री को एकत्रित किया जाता है और प्रसाद भी तैयार किया जाता है और भगवान गणेश की एक प्रतिमा को घर में या मंडप में स्थापित किया जाता है जिसका कि 9 दिन तक जाती है|

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घर की सफाई करना :-

गणेश चतुर्थी के त्योहार में पवित्रता और स्वच्छता को विशेष रुप से ध्यान में रखा जाता है टीवी गणेश चतुर्थी का त्योहार कविता और स्वच्छता का प्रतीक माना जाता है इसलिए गणेश चतुर्थी के त्योहार के समय घर और आसपास के सभी जगहों को अच्छी तरह साफ किया जाता है ताकि भगवान गणेश इससे खुश हो सके|

Decoration for Ganesh Chaturthi | घर और मंडप सजाना :-

गणेश चतुर्थी के दौरान विशेष विशेष रूप से भगवान गणेश के लिए मंडप मंडप या फिर पांडाल बनाया जाता है जिसे अच्छी तरह से सजाया जाए जिसे अच्छी तरह से फूलों से सजाया जाता है |

आवश्यक सामग्री एकत्रित करना :-

गणेश चतुर्थी के त्योहार पर काफी सारी चीजों को एकत्रित करना पड़ा जैसे कि भगवान गणेश की मूर्ति हो गई पूजा की बहुत सारी सामग्रियां हो गई, भगवान गणेश की मूर्ति को आमतौर पर पर्यावरण के अनुकूल बनाया जाता है| ताकि इससे जो है विसर्जन करने के टाइम पर विसर्जन करने के बाद यह अच्छे से जो है पानी में घुल जाए और पर्यावरण को नुकसान ना हो |

प्रसाद तैयार करना :-

प्रसादम एक पवित्र प्रसाद है जो भगवान गणेश के भक्तों के बीच उनके आशीर्वाद के तौर पर ग्रहण किया जाता है| गणेश चतुर्थी के प्रसाद में आमतौर पर मोदक होता है जो चावल के आटे नारियल और गुड़ से बनाया जाता है |

गणेश पूजा विधि :-

भगवान गणेश की पूजा विधि भगवान गणेश की पूजा करने का एक अनुष्ठानिक तरीका है पूजा बड़े भक्ति भावना के साथ की जाती है और ए माना जाता है इससे भक्तों को सफलता समृद्धि और संपन्नता का लाभ मिलता है|

What Is Ganesh Appeal । गणेश आवाहन क्या है :-

भगवान गणेश की पूजा की शुरुआत आवाहन से होती है जिसमें कि भगवान गणेश का आवाहन किया जाता है| भगवान गणेश के भक्त गण उनका आह्वान करते हैं कि वह आए और उन्हें आशीर्वाद और उन्हें सुख समृद्ध का आशीर्वाद दें |

What Is Pran Pratishtha। प्राण प्रतिष्ठा क्या है :-

भगवान गणेश की प्रतिमा को मंडप में स्थापित करने की प्रक्रिया को प्राण प्रतिष्ठा कहते हैं भगवान गणेश गणेश की मूर्ति को मंडप में बड़े ही सावधानी और भक्त भावना के साथ स्थापित किया जाता है और यह माना जाता है कि पूरे पूजा के दौरान भगवान गणेश इस मूर्ति में विराजमान रहेंगे|

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What Is Homa Or Havan । होम या हवन क्या है ;-

भोमिया हवन भगवान आगे देवता की एक अनुष्ठान है जो की पूजा के दौरान किया जाता है अनुष्ठान में पूजा की ढेर सारी सामग्रियों को अगुण में आहुति दिया जाता है| जिससे माना जाता है कि यह वातावरण को शुद्ध करेगी और भक्तों को सुख सुख और समृद्धि देगी |

आरती :-

आरती के दौरान भक्तगण भगवान गणेश की महिमा का गुणगान करते हैं दीपक जलाते हैं और उनकी आरती का गान करते हैं|

प्रसाद वितरण :-

भगवान गणेश की पूजा के बाद भक्तों में प्रसाद वितरित किया जाता है प्रसाद को भगवान गणेश का आशीर्वाद माना जाता है भक्ति से बहुत ही श्रद्धा भाव से ग्रहण करते हैं|

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मोदक क्या है इसे कैसे बनाते हैं :-

मोडक भगवान गणेश का सबसे पसंदीदा भोजन है इसलिए भगवान गणेश की पूजा के दौरान उन्हें मोदक चढ़ाया जाता है और ऐसा माना जाता है भगवान गणेश को मोदक चढ़ा मोदक का भोग लगाने से भक्तों को सुख और समृद्धि मिलती है |

गणेश चतुर्थी के दौरान मोदक का महत्व :-

भगवान गणेश को मिठाईयां बहुत ही ज्यादा प्रिय हैं उसमें मोदक उनका सबसे पसंदीदा मिठाई है इसलिए ऐसा माना जाता है कि भगवान गणेश को मोदक का भोग लगाने से बहुत शुभ होता है और इससे भक्तों को सुख समृद्धि और सफलता प्राप्त होती है|

Ganesh Chaturthi vrat | गणेश चतुर्थी के दौरान उपवास :-

गणेश चतुर्थी के दौरान उपवास रखना गणेश चतुर्थी त्योहार का एक महत्वपूर्ण अंग है| ऐसा माना जाता है कि इस दौरान उपवास रखने से भगवान गणेश की कृपा प्राप्त होती है और वह अपने भक्तों के ऊपर जल्दी प्रसन्न होते हैं|

उपवास का अर्थ :-

उपवास शरीर और मन को शुद्ध करने और भगवान का आशीर्वाद प्राप्त करने का एक तरीका माना जाता है यह भगवान के प्रति सदा भक्त और समर्पण दिखाने का एक तरीका भी माना जाता है|

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Importance of fasting on Ganesh Chaturthi । गणेश चतुर्थी के व्रत का महत्व :-

गणेश चतुर्थी के व्रत का बहुत ही विशेष महत्व है गणेश चतुर्थी के दौरान उपवास रखने से भगवान गणेश प्रसन्न होते हैं, और इससे मन और शरीर शुद्ध होता है ऐसा माना जाता है| इस दौरान उपवास रखने से मनुष्य के जीवन में आने वाली बाधाएं खत्म होती हैं और उन्हें अपने कार्यों में सफलता प्राप्त होती है|

उपवास के प्रकार :-

गणेश चतुर्थी के दौरान कई तरह के उपवास रखे जा सकते हैं कुछ लोग पूर्ण उपवास या अखंड उपवास रखते हैं| जबकि कुछ लोग फल या दूध खाकर भी उपवास रखते हैं कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो दिन में एक टाइम भोजन ग्रहण करते हैं जिसे आंशिक उपवास भी करते हैं |

उपवास को कैसे तोड़ते हैं :-

आमतौर पर उपवास को पूजा के बाद तोड़ते हैं व्रत को तोड़ने के लिए भगवान गणेश के प्रसाद को ग्रहण करते हैं| उपवास तोड़ने के दौरान जूस या फिर शरबत का भी ग्रहण करते हैं |

गणेश चतुर्थी का समारोह :-

गणेश चतुर्थी का समारोह पूरे विश्व में हिंदुओं के द्वारा बड़े ही धूमधाम और भक्त भावना के साथ मनाया जाता है| यह त्यौहार भगवान गणेश के आशीर्वाद लेने और आपस में एकता और भाईचारे की भावना को मजबूत करने के लिए भी मनाया जाता है |

गणेश चतुर्थी समारोह का महत्व :-

गणेश चतुर्थी का उत्सव बहुत ही महत्वपूर्ण है, क्योंकि उसे भगवान गणेश के जन्म दिवस के रूप में मनाया जाता है| जिन्हें विघ्नहर्ता ज्ञान और समृद्ध का देवता भी माना जाता है| यह त्यौहार बहुत ही खुशी और भक्त भावना के साथ मनाया जाता है| जिसमें घर पर सभी सदस्य सदस्य भगवान गणेश का आशीर्वाद लेने के लिए एकत्रित होते हैं|

गणेश चतुर्थी से जुड़े रीति रिवाज :-

गणेश चतुर्थी के त्योहार के दौरान भगवान गणेश के सम्मान में विभिन्न प्रकार के रीति रिवाज निभाए जाते हैं| भक्त भगवान की प्रार्थना पूजा अर्चना करते हैं, और अपने घरों और मंडपम को फूलों और रोशनी से सजाते हैं| भक्त भगवान गणेश का आशीर्वाद लेने के लिए भगवान गणेश के मंदिरों और मंडलों में जाते हैं|

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गणेश विसर्जन :-

गणेश विसर्जन उत्सव पर खत्म होने के बाद भगवान गणेश की प्रतिमा को पानी में विसर्जित करने की रस्म को कहा जाता है भगवान गणेश के पृथ्वी पर आने के बाद उनके अपने निवास स्थान पर जाने के लिए अनुष्ठान किया जाता है|

गणेश विसर्जन का अर्थ :-

गणेश विसर्जन गणेश चतुर्थी का महत्वपूर्ण अनुष्ठान है| यह अनुष्ठान इंसान को जीवन की नश्वरता और शक्तियों को छोड़ने के महत्व महत्त्व का महत्व को दिखा दिखाता है, और ऐसा माना जाता है पूरी भक्ति भावना और इमानदारी से अनुष्ठान करने से भगवान गणेश का आशीर्वाद प्राप्त होता है|

गणेश विसर्जन की तैयारी :-

भगवान गणेश की मूर्ति को विसर्जित करने से पहले भक्त भगवान गणेश की पूजा अर्चना करते और भगवान गणेश से प्रार्थना करते हैं| फिर मूर्ति को जुलूस में पास के तालाब या नदी में ले जाया जाता है जहां पर इसे बड़ी ही श्रद्धा और भक्तों के साथ विसर्जित किया जाता है|

गणेश विसर्जन विधि:- 

गणेश विसर्जन अनुष्ठान के दौरान भगवान गणेश की मूर्ति को पानी में विसर्जित किया जाता है, और भगवान गणेश का आशीर्वाद लेने के लिए उनकी प्रार्थना की जाती है, और उनकी आरती की जाती है| भक्ति उनके स्थिति में भजन गाते हैं और भारी मन से उन्हें अगले साल फिर से आने के आह्वान के साथ विदा करते हैं |

कंक्लुजन:-

दोस्तों गणेश चतुर्थी हिंदुओं का एक ऐसा त्यौहार है जिसे पूरी दुनिया में हिंदुओं द्वारा बड़े ही भक्ति उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जाता है| यह त्यौहार भगवान गणेश का आशीर्वाद प्राप्त करने एकता और भाईचारे की भावना को बढ़ावा देने और जश्न मनाने का एक अवसर है|तो दोस्तों इस पोस्ट में हमने “Ganesh Chaturthi complete detailed information in hindi” के बारे में जाना . उम्मीद है आप को पसंद आया होगा अगर पसंद आया हो तो हंमे कमेन्ट बॉक्स में अवगत अवश्य कराएं .

गणेश चतुर्थी FaQ:-

Q.गणेश चतुर्थी कब मनाई जाती है?

A.गणेश चतुर्थी आमतौर पर भाद्रपद के महीने के चौथे दिन अगस्त या सितंबर के महीने में मनाई जाती है।

 Q.गणेश चतुर्थी कैसे मनाई जाती है?

A. गणेश चतुर्थी को बड़े उत्साह और भक्ति के साथ मनाया जाता है। लोग भगवान गणेश की मूर्तियों को घर लाते हैं, उन्हें फूलों से सजाते हैं। त्योहार जुलूस, संगीत और नृत्य प्रदर्शन किया जाता है।

Q. गणेश चतुर्थी क्यों मनाई जाती है?

A. गणेश चतुर्थी भगवान गणेश के जन्मदिवस के तौर पर मनाई जाती है।

 Q.गणेश चतुर्थी में उपयोग की जाने वाली मिट्टी की मूर्तियों का क्या महत्व है?

A. माना जाता है कि गणेश चतुर्थी में इस्तेमाल की जाने वाली मिट्टी की मूर्तियां जीवन की नश्वरता का प्रतिनिधित्व करती हैं।  त्योहार के बाद, मूर्तियों को पानी में विसर्जित किया जाता है ताकि भगवान गणेश की कैलाश पर्वत में उनके निवास पर वापसी किया जा सके।

Q. गणेश चतुर्थी के दौरान कुछ लोकप्रिय मिठाइयां और व्यंजन क्या बनाए जाते हैं?

A. गणेश चतुर्थी के दौरान तैयार की जाने वाली कुछ लोकप्रिय मिठाइयों और व्यंजनों में मोदक, लड्डू, पूरन पोली, खीर और चकली शामिल हैं।

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