Durga Chalisa Path Karne Ke Fayde Aur Durga Chalisa Path Karne Ke Niyam

इस पोस्ट में हम आपको Durga Chalisa Path Karne Ke Fayde Aur Durga Chalisa Path Karne Ke Niyam के बारे में बताने वाले हैं। माता दुर्गा जगत जननी हैं, वह हमारे सभी दुखों और कष्टों को दूर करती हैं, माता दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए दुर्गा चालीसा एक सुलभ उपाय है। 

Durga Chalisa Path Karne Ke Fayde

व्यक्ति अपने जीवन में दुर्गा चालीसा पाठ से अपनी समस्त प्रकार की परेशानियां दूर कर सकता है इस पाठ को किस तरह से करना चाहिए किस दिन से इसकी शुरुआत करनी चाहिए किस समय अवधि में इसे करना चाहिए और इस पाठ से क्या-क्या लाभ प्राप्त होता है इन सभी विषयों पर हम आज की पोस्ट में चर्चा करने वाले हैं क्योंकि दुर्गा चालीसा का पाठ व्यक्ति के जीवन में समस्त प्रकार की परेशानियों को दूर कर सकता है। 

दुर्गा जी की पूजा विशेष रूप से मुक्ति पाने और जीवन के हर क्षेत्र में माता का आशीर्वाद पाने के लिए करते हैं। इसके अलावा नियमित रूप से दुर्गा चालीसा का पाठ आपको अनेक लाभ देता है नियमित रूप से दुर्गा चालीसा का पाठ जो भी व्यक्ति करता है उस व्यक्ति को मानसिक शांति प्राप्त होती है व्यक्ति को मानसिक तनाव व चिंता से मुक्ति मिल जाती है दुर्गा चालीसा का पाठ करने से हर काम में विजय प्राप्त होती है चाहे कितने भी प्रतिद्वंदी हो आपका कोई कुछ नहीं बिगाड़ पाता है।

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दुर्गा चालीसा के पाठ से व्यक्ति के आत्मविश्वास में वृद्धि होती है और सभी प्रकार के कार्यों में उस व्यक्ति को सफलता की प्राप्ति होती है दुर्गा चालीसा के पाठ से व्यक्ति को अपने जीवन में बुरी शक्तियों से निजात मिल जाती है उसके परिवार का भी बुरी शक्तियों से बचाव होता है। 

आर्थिक लाभ प्राप्त करने के लिए भी दुर्गा चालीसा का पाठ जरूर करना चाहिए इस पाठ से धन लाभ प्राप्त होता है। जीवन में आने वाली कठिनाइयों से लड़ने की इस पाठ से शक्ति प्राप्त हो जाती है। मान्यता है कि दुर्गा चालीसा के नियमित पाठ से व्यक्ति को उसका खोया हुआ आत्मविश्वास वापस मिल जाता है और जीवन में संपत्ति को प्राप्त करता है।

यदि आपका मन किसी बात को लेकर निराश है तो इस चालीसा के नियमित पाठ से आपके मन की निराशा भी दूर हो जाएगी आप इसे आजमा कर देख सकते हैं। दुर्गा चालीसा के नियमित पाठ व्यक्ति को अपनी भावनाओं पर समान रूप से नियंत्रण पाया जा सकता लेकिन इस पाठ को करने की भी एक सही विधि है। अगर आप इस पाठ को करते हैं तो आपको जीवन की समस्त समस्याएं हैं जो भी मनोकामनाएं है उस मनोकामना की और उस समस्या का निदान इस पाठ से आपको प्राप्त हो जाएगा। 

दुर्गा चालीसा का पाठ ज्यादातर लोग अपनी क्षमता और अपनी श्रद्धा के अनुसार ही करते लेकिन अगर दुर्गा चालीसा का जाप नियमित रूप से किया जाए तो माता दुर्गा का आशीर्वाद आपको प्राप्त होता है। 

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दुर्गा चालीसा का पाठ करने का नियम

दुर्गा चालीसा पाठ को करने के कुछ विशेष नियम यहां बताए गए हैं। 

  1. दुर्गा चालीसा का पाठ शुक्रवार के दिन से शुरू करना चाहिए 
  2. दुर्गा चालीसा का पाठ कभी भी सूर्योदय से पूर्व करना चाहिए 
  3. सूर्योदय से पहले स्नान करने के बाद आपको साफ वस्त्र धारण करने के बाद ही इस पाठ को करना चाहिए 
  4. अपने पूजा स्थल पर लकड़ी की चौकी पर लाल आसन बिछाकर उस पर माता दुर्गा की प्रतिमा को स्थापित करना चाहिए 
  5. इस पाठ को शुरू करने से पहले आपको इसके नियमित एक संकल्प लेना होगा जिसमें आप कितने मित्र आप इसे करने जा रहे हैं आपको अपनी कौन सी मनोकामना की पूर्ति करनी है या किस परेशानी से आप निजात चाहते हैं उसके लिए आपको नक्षत्र अपना नाम गोत्र और राशि का उच्चारण करते हुए इसके लिए एक संकल्प लेना होगा।  
  6. माता दुर्गा को फूल रोली आदि चीजों से माता दुर्गा की पूजा करनी अगर हो सके तो पूजा के दौरान दुर्गा यंत्र को भी आप अपने घर में स्थापित कर सकते हैं यह लाभकारी और चमत्कारिक परिणाम देता है 

इसके बाद आप दुर्गा चालीसा का पाठ कर सकते हैं अगर आप नियमित रूप से इस पाठ को संकल्प के साथ करते हैं तो आपको निश्चित ही इसके परिणाम बहुत जल्दी दिखाई देते हैं। 

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दुर्गा चालीसा पाठ की उत्पत्ति कैसे हुई

दुर्गा चालीसा के पाठ की उत्पत्ति कैसे हुई यह भी हमें जानना बहुत आवश्यक है हम यहां आपको संच्छेप में बता देते हैं।

महिषासुर नामक राक्षस का वध करने के लिए देवताओं ने अपनी शक्तियों को मिलाकर एक आदि शक्ति को जन्म दिया जिसे आज सर्व शक्तिशाली माता दुर्गा के नाम से जाना जाता है मां दुर्गा ने महिषासुर का वध करके देवताओं को उसके चंगुल से बचाया था और उन्हें स्वर्ग लोक वापस दिलाने में मदद की थी दुर्गा चालीसा की रचना देवी दास जी ने की थी जिनके संदर्भ में यह माना जाता है कि वह माता दुर्गा के बहुत बड़े उपासक थे। 

उन्होंने माता दुर्गा के सभी रूपों की महिमा का वर्णन विस्तार पूर्वक किया है । पुराणों के अनुसार मां दुर्गा को संसार का संचालक बताया गया है क्योंकि उनमें ब्रह्मा विष्णु महेश तीनों गुण विद्यमान है तो इस तरह से इस दुर्गा चालीसा की उत्पत्ति हुई है।

तो यह दुर्गा चालीसा के संबंध में कुछ महत्वपूर्ण जानकारी थी उम्मीद करता हूं यह पोस्ट Durga Chalisa Path Karne Ke Fayde Aur Durga Chalisa Path Karne Ke Niyam आपको पसंद आई होगी।

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