दुर्गा चालीसा का पाठ कितनी बार करना चाहिए

अगर दोस्तों आप इस प्रश्न का उत्तर दूंड रहे है की दुर्गा चालीसा का पाठ कितनी बार करना चाहिए तो आप एकदम सही जगह पर आए हैं। क्यों की इस पोस्ट में हम ने दुर्गा चालीसा का पाठ कितनी बार करना चाहिए इस प्रश्न का पूरी तरह से उत्तर देने की कोशिश की है। 

दुर्गा चालीसा मां दुर्गा जिन्हे आदि शक्ति भी कहा जाता है के लिए पढ़ा जाने वाला एक 40 छंदों वाला चालीसा है। आज हम आपको इस पोस्ट में दुर्गा चालीसा के बारे में बताएंगे कि इस को दिन में कितनी बार पाठ करना चाहिए।

दुर्गा चालीसा का पाठ कितनी बार करना चाहिए:

“दुर्गा चालीसा का पाठ कितनी बार करना चाहिए” इस बारे में बात करने से पहले आपको दुर्गा चालीसा और माता दुर्गा के बारे में संच्छेप में बता देते हैं।

दुर्गा चालीसा की अगर बात करें तो यह माता दुर्गा को समर्पित एक चालीसा है जो 40 छंदों से मिलकर बना हुआ है, जिसमें भक्त माता दुर्गा की स्तुति और आराधना करता है और माता के गुणों और शक्तियों की प्रशंसा करता है और उनकी शक्तियों और उनके सभी रूपों के बारे में वर्णन करता है।

माता दुर्गा को शक्ति का अवतार और महिषासुर मर्दिनी भी कहा जाता है, क्योंकि देवी दुर्गा का अवतार महिषासुर नाम के राक्षस का बध करने के लिए ही हुआ था।

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महिषासुर ने ब्रम्हा जी की घनघोर तपस्या करके बहुत सारे वरदान प्राप्त कर लिया था। जिसकी वजह से वह बहुत ही शक्तिशाली हो गया था और वह अपने आप को भगवान समझने लगा था। उसने सभी देवी देवताओं को आतंकित कर दिया था जिसकी वजह से देवताओं ने मिलकर अपनी अपनी शक्तियों को मिलाकर देवी दुर्गा का निर्माण किया और जिसके फलस्वरूप माता दुर्गा का अवतार हुआ।

देवी दुर्गा और महिषासुर का नौ दिन तक घमासान युद्ध हुआ और दसवें दिन माता ने महिषासुर का बध कर दिया।

इसीलिए नौ दिन की नौरात्रि होती है और दसवें दिन विजयादशमी मनाई जाती है।

देवी दुर्गा की आराधना करने से भक्तों के अनेकों दुख दूर होते हैं यह बात माता के भक्त बखूबी जानते है। इसलिए माता के भक्त अनेक तरीकों से माता को खुश करने की कोशिश करते हैं और उनकी अनेक विधि विधान से पूजा अर्चना करते हैं।

दुर्गा चालीसा भी देवी दुर्गा की आराधना करने का एक साधन है जिसे पढ़ कर भक्त माता दुर्गा को खुश करने की कोशिश करते हैं। दुर्गा चालीसा गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित एक बहुत ही सुन्दर रचना है। जिसमे माता के सभी पहलुओं का बहुत ही सुन्दर वर्णन किया गया है। इसलिए माता के भक्त माता का आशीर्वाद और उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए दुर्गा चालीसा का पाठ करते हैं और माता की की कृपा दृष्टि उनपर बनी रहती है।

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दुर्गा चालीसा पढ़ने के लाभ: 

दुर्गा चालीसा पढ़ने के अनेकों लाभ मिलता है। जिनमें से कुछ आपको हम यहां बताएंगे।

  1. मानसिक लाभ:  दुर्गा चालीसा का पाठ करने से से हमे मानसिक लाभ मिलता है क्योंकि हम अपने सारे दुख दर्द, सारी चिंता माता को समर्पित कर देते हैं।
  1. आध्यात्मिक लाभ: दुर्गा चालीसा का पाठ करने से हमे खूब सारे आध्यात्मिक लाभ भी प्राप्त होते हैं क्योंकि यह माता की भक्ति में लीन हो जाते तो हमारे अंदर धार्मिकता की भावना का विकास होता है। जिससे हमारे अंदर नैतिकता का भी विकास होता है। जो हमे एक आदर्श जीवन जीने में मदद करता है।
  1. सुख शांति की प्राप्ति: दुर्गा चालीसा के पाठ से हमे माता दुर्गा की कृपा से सुख शांति और समृद्धि की भी प्राप्ति होती है।
  1. मनोकामना पूर्ति: दुर्गा चालीसा के पाठ से हमे अपनी सभी मनोकामना पूर्ण करने का भी मौका मिलता है क्योंकि दुर्गा चालीसा का पाठ करने से माता खुश होती हैं और वह अपने भक्तों की मनोकामना पूर्ण करती हैं।
  1. शुभ कार्य में सफलता मिलती है: दुर्गा चालीसा के नियमित पाठ से सभी शुभ कार्यों में सफलता प्राप्त होती है।
  2. शत्रु पर विजय प्राप्त होती है: ऐसा मानना है कि अगर दुर्गा चालीसा का पाठ कोई करता है तो उसके शत्रुओं का नाश होता है।
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दुर्गा चालीसा का पाठ कितनी बार करना चाहिए:

दुर्गा चालीसा का पाठ कितनी बार करना चाहिए इस बात पर कोई रोक टोक नही है। यह पूरी तरह से आप पर निर्भर करता है की आप कितनी बार पाठ कर पाते हैं। फिर भी अगर कोई पूछता है कि कितनी बार करना चाहिए तो दिन में दो बार पाठ करने की कोशिश करनी चाहिए एक सुबह भोर में स्नान करने के बाद और एक संध्या में आरती के समय। 

आप अपनी श्रद्धा और भक्ति के अनुसार जितनी बार चाहें उतनी बार माता की आराधना कर सकते हैं। आप जितनी माता की स्तुति करेंगे उतनी ही ज्यादा आप पर माता की कृपा बनी रहेंगी। ऐसा माना जाता है कि अगर आप दुर्गा चालीसा को नौरात्री में पूरे श्रद्धा और भक्ति से सुबह साम पाठ करते हैं तो आप पर माता की बिशेस कृपा रहती है।

तो ये था दोस्तों प्रश्न का उत्तर कि “दुर्गा चालीसा का पाठ कितनी बार करना चाहिए” उम्मीद है आप सब को पसंद आया होगा। आप सब माता दुर्गा की ऐसे ही पूजा अर्चना करते रहिए, दुर्गा चालीसा का पाठ करते रहिए मां दुर्गा आपकी सभी मनोकामनाएं अवश्य पूरी करेंगी।

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2 thoughts on “दुर्गा चालीसा का पाठ कितनी बार करना चाहिए”

  1. बहुत सुन्दर और सारगर्भित पोस्ट .. चरण दर चरण आपने बहुत ही सुन्दर तरीके से महत्त्व और लाभ पर पोस्ट लिखी हैं .. आशा है आप आगे भी इसी तरह की शानदार पोस्ट पाठकों के सम्मुख रखते रहेंगें ..

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